मत्स्य पालन के लिए 6,000 करोड़ रुपये! PMMSY स्कीम के राज़ का खुलासा – जानें अब!

 WhatsApp GroupJoin Now

PMMSY: कैबिनेट की मंजूरी से आया ‘मत्स्य पालन राज’! आपके मत्स्य व्यवसाय के लिए बड़ा फैसला! अब सभी मत्स्य पालन सहकारियों और सूक्ष्म उद्यमियों के लिए आ गई है बहुत ही बड़ी खुशखबरी! केंद्रीय कैबिनेट ने 6,000 करोड़ रुपये की मत्स्य पालन योजना को हाल ही में मंजूरी दी है। यह योजना आपको सुनहरा मौका प्रदान करेगी जिससे आप अपने मत्स्य व्यवसाय को बढ़ावा दे सकते हैं।

इस पहल के माध्यम से, 6.4 लाख सूक्ष्म उद्यमों और 5,500 मत्स्य पालन सहकारी समितियों को अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और अपने व्यापार को विकसित करने का मौका मिलेगा। यहां तक कि इस योजना के माध्यम से आपको इंस्टीट्यूशनल लोन के माध्यम से भी आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।

इस धांधल से उद्यमियों को होगा ‘बड़ा फायदा’। अब तक की सबसे बड़ी मत्स्य पालन योजना आपके बिजनेस को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगी। तो अब बैठिए नहीं, आइये इस योजना से अपने मत्स्य व्यवसाय को बढ़ाएं और सपनों को हकीकत में बदलें!

Latest News: केंद्र सरकार ने गुरुवार को मत्स्य पालन सेक्टर को औपचारिकता प्रदान करने, सूक्ष्म और लघु उद्यमों को इंस्टीट्यूशनल फाइनेंस की सुविधा प्रदान करने और जलकृषि बीमा को बढ़ावा देने के लिए 6,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की है।


एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, सरकार ने केवल ₹6,000 करोड़ की योजना की घोषणा की है ताकि असंगठित मत्स्य पालन क्षेत्र को औपचारिक मान्यता प्रदान की जा सके, सूक्ष्म और लघु उद्यमों को संस्थागत वित्त प्रदान किया जा सके, और जलकृषि बीमा को बढ़ावा मिले। साथ ही, सरकार ने पहले से मंजूर धन के साथ ‘मत्स्य पालन अवसंरचना विकास कोष’ (FIDF) को अगले तीन वर्षों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 तक बढ़ाने का भी निर्णय लिया है, जिसमें ₹7,522.48 करोड़ और ₹939.48 करोड़ के बजट समर्थन शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना’ (PM-MKSSY) को मंजूरी दी है, जो प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) के तहत केंद्रीय उप-योजना है।

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं को सूचित किया कि एक नई उप-योजना जल्द ही लॉन्च होने वाली है, जो मछुआरों, मछली किसानों, मछली श्रमिकों, सूक्ष्म और लघु उद्यमों, और मछली किसान उत्पादक संगठनों को लाभ पहुँचाएगी।

इस योजना के अनुदेशन के अनुसार, 2023-24 वित्त वर्ष से 2026-27 तक के चार वर्षों में, यह आर्थिक संकट के दौरान मत्स्य पालन क्षेत्र को समर्थित करने के लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी।

इस योजना के लिए प्राप्त की गई कुल धनराशि में से लगभग 50% यानी 3,000 करोड़ रुपये विश्व बैंक और एएफडी से आएंगे, जबकि बाकी 50% की राशि लाभार्थियों और निजी क्षेत्र से आने की उम्मीद है।

यह भी पढे: खुशखबरी: 23 लाख किसानों को हर साल मिलेगा 36 हजार रुपये! Kisan Mandhan Yojana जानिए पूरी खबर!

PMMSY स्कीम क्या है?

हाल ही में, केंद्र सरकार ने एक उत्कृष्ट योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) की शुरुआत की है। यह योजना मछुआरों की आय को दोगुना करने पर केंद्रित है और इस सेक्टर में आने वाली चुनौतियों का समाधान करती है, अलग-अलग हस्तक्षेपों के माध्यम से।

PMMSY Yojana: पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

PMMSY के लाभ क्या हैं?

PMMSY योजना के तहत विभिन्न अवसरों के माध्यम से मछुआरों को आर्थिक सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, साथ ही मत्स्य पालन क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का समाधान भी होगा।

PMMSY कैसे काम करेगी?

PMMSY योजना के तहत अलग-अलग हस्तक्षेप उठाए जाएंगे, जैसे मछुआरों को वित्तीय सहायता प्रदान करना, तकनीकी संवर्धन कार्यक्रम आयोजित करना, और मत्स्य पालन सेक्टर में आवश्यक बदलाव करना।

PMMSY के लिए कितनी धनराशि का निदान किया गया है?

PMMSY योजना के लिए लगभग 6,000 करोड़ रुपये का निधि निर्धारित किया गया है।

PMMSY के पूरे कार्यक्रम की अवधि क्या होगी?

PMMSY योजना की कार्यक्रम की अवधि 2023-24 से 2026-27 तक की जाएगी, यानी चार वर्ष।

क्या PMMSY योजना के तहत व्यक्तिगत मदद की सुविधा है?

हां, PMMSY योजना के तहत व्यक्तिगत मदद की सुविधा भी है। इसके अंतर्गत मछुआरों को आर्थिक सहायता, तकनीकी ज्ञान, और व्यापारिक प्रशिक्षण की प्राप्ति के लिए कई योजनाएं होंगी।

PMMSY योजना के तहत कौन-कौन से क्षेत्रों में निवेश होगा?

PMMSY योजना के तहत मत्स्य पालन सेक्टर में निवेश किया जाएगा, जैसे कि मछुआरों की प्रशिक्षण, नौकरी के अवसरों का सृजन, और तकनीकी संवर्धन के क्षेत्र में। इसके अलावा, सूक्ष्म और लघु उद्यमों को भी बढ़ावा देने के लिए निवेश किया जाएगा।

Please follow and like us:
 WhatsApp GroupJoin Now