खुशखबरी: 23 लाख किसानों को हर साल मिलेगा 36 हजार रुपये! Kisan Mandhan Yojana जानिए पूरी खबर!

 WhatsApp GroupJoin Now


सरकार घोषित करती है कि अब तक अद्वितीय 23.38 लाख किसान ने PM Kisan Mandhan Yojana में नामांकन किया है। इस पहल के तहत, नामांकित किसान को मासिक पेंशन के रूप में 3,000 रुपये और वार्षिक पेंशन के रूप में 36,000 रुपये प्राप्त होंगे।

Kisan Mandhan Yojana एक और उत्कृष्ट पहल है जो किसान को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। इस योजना के तहत, किसान को 60 वर्ष की आयु तक मासिक पेंशन का लाभ प्राप्त होता है। यह पेंशन उनके बाद में भी उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करती है, अगर किसान नहीं रहता है। इसके साथ ही, यह योजना किसान को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य अकसर होने वाली चुनौतियों के खिलाफ भी सुरक्षा प्रदान करती है। इसके माध्यम से, किसान अपने भविष्य के लिए सुरक्षित और स्थिर आर्थिक संसाधनों का आनंद ले सकते हैं।


केंद्र सरकार ने बुढ़ापे में जीवनयापन के लिए किसान को सालाना 36 हजार रुपये देने के लिए पीएम किसान मानधन योजना (PM-KMY) की शुरुआत की है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने संसद में बताया है कि योजना से जुड़ने वाले किसान की संख्या 23.38 लाख के पार हो गई है। इन किसान को 60 साल की उम्र पार होने पर प्रतिमाह 3000 रुपये की राशि सरकार पेंशन के लिए बैंक खाते में डालेगी।

Kisan Mandhan Yojana – की बुढ़ापे की समस्याओं का अंत: पांच साल पहले शुरू हुई चौंकाने वाली योजना!

पांच साल पहले, 12 सितंबर 2019 को, केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना की शुरुआत की, जो किसान के बुढ़ापे में सुरक्षा और सहारा प्रदान करने का उद्देश्य रखती है। यह योजना एक अंशदायी योजना है, जिसमें छोटे और सीमांत किसान पेंशन फंड में मासिक सदस्यता का भुगतान करके योजना के सदस्य बन सकते हैं। इसका मतलब है कि योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए किसान को मासिक किस्त जमा करनी होगी, और सरकार भी उसी राशि को पेंशन खाते में जमा करेगी। जब किसान 60 साल की उम्र में पहुंचेंगे, तो हर महीने उन्हें 3,000 रुपये की पेंशन मिलेगी। यह योजना Kisan को उनके बुढ़ापे में आर्थिक स्थिरता प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

मासिक जमा: हर महीने अधिकतम 200 रुपये जमा करें

किसान मानधन योजना के अंतर्गत, 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच किसान को हर महीने अधिकतम 200 रुपये जमा करने होंगे। यह योजना बुढ़ापे के समय में किसान की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का उद्देश्य रखती है। योजना में शामिल होने वाले आवेदकों को मिलेगी 55 से 200 रुपये तक की प्रतिमाह पेंशन, जो उनके बुढ़ापे में उनके आर्थिक सहारे के रूप में काम आएगी। यह किस्त रकम 60 वर्ष की आयु तक जमा करनी होगी। इसके अलावा, Kisan को विकल्प भी उपलब्ध होगा कि वे कितनी किस्त जमा करना चाहते हैं। एलआईसी Kisan की मासिक किस्तों का प्रबंधन किया जाएगा और योजना के लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन सीएससी केंद्रों और राज्य सरकारों की ओर से किया जाएगा।

Kisan Mandhan Yojana – 23.38 लाख किसान ने मानधन से जुड़कर बदली अपनी भविष्यवाणी:

कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने लोकसभा में उत्तर देते हुए बताया कि पीएम किसान मानधन योजना के अंतर्गत अब तक 23.38 लाख किसान का नामांकन हो चुका है। यह योजना छोटे और सीमांत किसान के लिए वृद्धावस्था सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के लिए आयोजित की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि देश भर में कुल 23,38,720 किसान को इस योजना से जोड़ चुका है।

यह भी पढे: UP किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब अपना नाम चेक करें UP Kisan Karj Rahat Yojana List 2024 में।

Kisan Mandhan Yojana – कर्नाटक में धमाकेदार रिकॉर्ड! सर्वाधिक किसान ने लिया योजना का लाभ!

कृषि मंत्री ने कहा कि कर्नाटक में किसान योजना को लेकर अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है, जिसके तहत संख्या में रिकॉर्ड तोड़ हो गया है। योजना की शुरुआत के बाद से अब तक 41,683 किसान को इसमें शामिल किया गया है। इस पहल के अंतर्गत, सरकार किसान की योगदान के हर रुपये के साथ उसी मात्रा में पेंशन खातों में जमा करती है। मंत्री ने इसे और भी महत्वपूर्ण बनाते हुए कहा कि 31 जनवरी 2024 तक कर्नाटक के किसान से एकत्रित हुई धनराशि ₹10,78,51,700 है, जिसमें केंद्र सरकार भी समान योगदान दे रही है।

Kisan Mandhan Yojana में आवेदन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  1. पात्रता की जांच करें: सबसे पहले, देखें कि आप किसान मानधन योजना के लिए पात्र हैं या नहीं। यह योजना केवल उन किसानों के लिए है जो 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच हैं।
  2. निकासी की प्रमाण पत्र तैयार करें: यदि आप पात्र हैं, तो अपनी आयु, पता, और अन्य आवश्यक जानकारी के साथ निकासी की प्रमाण पत्र तैयार करें।
  3. नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में जाएं: आपके नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में जाएं और योजना के लिए आवेदन पत्र और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
  4. आवेदन पत्र भरें: आवेदन पत्र को ध्यानपूर्वक भरें और सही जानकारी प्रदान करें। यदि कोई आवश्यक दस्तावेज या प्रमाण पत्र की जरूरत हो, तो उन्हें साथ में जमा करें।
  5. स्वीकृति का इंतजार करें: आपका आवेदन कृषि विभाग द्वारा समीक्षित और स्वीकृत होने के बाद, आपको योजना के तहत पेंशन के लिए पंजीकृत किया जाएगा।
  6. पेंशन लाभ का आनंद लें: आपके आवेदन की स्वीकृति के बाद, आपको नियमित अंतराल पर पेंशन का लाभ प्राप्त होगा। यह आपकी आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देगा।

कृपया ध्यान दें कि योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि और अन्य विवरण स्थानीय कृषि विभाग से प्राप्त किया जा सकता है।


Kisan Mandhan Yojana के लिए आवेदन करने के लिए किसी वेबसाइट का उपयोग नहीं किया जाता है। यह योजना कृषि विभाग के माध्यम से स्थानीय स्तर पर प्रबंधित होती है और आवेदन की प्रक्रिया को लेकर विभागीय कार्यक्रमों में जमा किया जाता है। आपको अपने निकटतम कृषि विभाग कार्यालय में जाकर आवेदन करना होगा।

कृपया ध्यान दें कि यह तबादला हो सकता है, इसलिए सर्वोत्तम जानकारी के लिए आपको अपने स्थानीय कृषि विभाग को संपर्क करना चाहिए।

Kisan Mandhan Yojana: पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Kisan Mandhan Yojana में क्या होता है?

इस योजना में, पंजीकृत किसानों को 60 वर्ष की आयु तक मासिक पेंशन का लाभ प्राप्त होता है।

क्या यह पेंशन केवल किसान के लिए है?

जी हां, यह पेंशन केवल किसानों को ही उपलब्ध है।

किसान मानधन योजना में योगदान कैसे किया जाता है?

किसानों को प्रत्येक माह योगदान करने के लिए उनकी कमाई का निश्चित प्रतिशत दिया जाता है।

क्या किसान मानधन योजना किसी आय के सीमा पर आधारित है?

नहीं, यह योजना किसी आय की सीमा पर नहीं है। किसान जो 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच हैं, उन्हें इसमें शामिल होने का अवसर मिलता है।

क्या किसान को योगदान की राशि पर ब्याज मिलता है?

हां, किसानों को योगदान की राशि पर ब्याज मिलता है। यह ब्याज भी सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है।

क्या किसान मानधन योजना में किसी प्रकार का बीमा शामिल है?

हां, इस योजना में किसानों को अप्रत्यक्ष बीमा का लाभ भी प्राप्त होता है, जो उन्हें किसी आपदा या अनुपयोग स्थिति के मामले में सहायता प्रदान करता है।

क्या किसान मानधन योजना राज्य सरकार के लिए है या केंद्र सरकार के लिए?

यह योजना केंद्र सरकार के द्वारा प्रबंधित और चलाई जाती है। लेकिन राज्य सरकारें इसे अपने क्षेत्र में प्रचारित करने और किसानों को इसमें शामिल करने में सहायता करती हैं।

Please follow and like us:
 WhatsApp GroupJoin Now